संदेश

पत्रकार नईम क़ुरैशी - न्यू एड एन फेस पत्रिका के पत्रकार नईम कुरैशी प्रियदर्शनी इन्दिरा गांधी अवार्ड से सम्मानित

चित्र
न्यू एड एन फेस पत्रिका के पत्रकार नईम कुरैशी प्रियदर्शनी इन्दिरा गांधी अवार्ड से सम्मानित जयपुर: किरदार मुस्लिम चैरिटेबल ट्रस्ट ने उज्जवल भविष्य की कामना के साथ पत्रकार नईमकुरैशी को पत्रकारिता के क्षेत्र प्रियदर्षनी इन्दिरा गांधी अवार्ड नवाजा। इससे पहले भी मुस्लिम प्रतिभा व अनेक अवार्डो से नवाजे जा चुके है। जोरावर सिंह गेट स्थित राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान सभागार में किरदार मुस्लिम चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से आयोजित मेधावी मुस्लिम छात्राओं एवं वरिष्ठ नागरिक व पत्रकारों का सम्मान समारोह में न्यू एड एन फेस पत्रिका के राजस्थान ब्योरो चीफ नईम कुरैशी को पत्रकारिता के क्षेत्र में प्रियदर्शनी इन्दिरा गांधी अवार्ड से सम्मानित किया गया। ये अवार्ड उन्हें समारोह मुख्य अतिथि पूर्व चिकित्सा मंत्री एए खान उर्फ दुर्रू मियां ने माला पहनाकर व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। रिपोर्टर विजय षर्मा

पत्रकार नईम क़ुरैशी - समाज सेवा की बेहतरीन मिसाल थे सलीम कागजी, दुनिया से हुए रूखसत

चित्र
समाज सेवा की बेहतरीन मिसाल थे सलीम कागजी, दुनिया से हुए रूखसत जयपुर: राजस्थान हज कमेटी के पूर्व चेयरमैन, जयपुर शहर जिला कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सलीम कागजी को नम आखों से सैकड़ों लोगों ने रूखसत किया। दिनांक 27 नवम्बर 2016 को सलीम कागजी का दिल्ली के मेदांता अस्पताल में इंतकाल हो गया था। अगले दिन सैकड़ों की तादात में मौजूद लोगों ने नम आंखों से अंतिम विदाई दी। इससे पहले उनकी जनाजे की नमाज अदा की गई, जिसमें लोगों ने कागजी की मगफिरत के लिए खुदा की बारगाह में दुआ की। उनके जनाजे को सांगानेर स्थित कागजी कब्रिस्तान में ले जाया गया और सुपुर्द-ए-खाक किया गया। उल्लेखनीय है कि जनाब कागजी का लम्बी बीमारी के बाद इन्तकाल हो गया था।  सन् 1931 में पैदा हुए सलीम कागजी ने लम्बे समय तक कांग्रेस की राजनीति को संभाला, और कांग्रेस के परम्परागत वोट बैंक कहे जाने वाले मुस्लिम वर्ग का जुड़ाव बनाए रखा। हाजी सलीम कागजी न सिर्फ पेपर की दुनिया में नाम कमाया बल्कि समाज सेवा में भी अपनी ऐसी छाप छोड़ी जिससे कि उनके क्षेत्र का नाम कागजी के नाम से मषहूर है। तथा उन्होंने नौजवानों की बेरोजगारी दूर करने की का...

पत्रकार नईम क़ुरैशी - अच्छे व्यक्तित्व से ही इंसान परेशानियों से बाहर निकल सकता हैं : वलीउर्रहमान

चित्र
अच्छे व्यक्तित्व से ही इंसान परेशानियों से बाहर निकल सकता हैं : वलीउर्रहमान   इंसान के व्यक्तित्व की पहचान उसके आचारण व चेहरे पर विद्यमान कांतिमय तेज से होती है। इसी गुण के जरिए इंसान बड़ी से बड़ी परेशानियों से जल्द बाहर निकल जाता है। ऐसे व्यक्तित्व के धनी है जनाब वलीउर्रहमान जिन्होंने अपनी मेहनत के बल पर व्यापार जगत में भी सफलता हासिल की तथा जिन्होंने समाज सेवा को भी अपना लक्ष्य बनाया है। जनाब वलीउर्रहमान का जन्म जयपुर में सन् 1968 में हुआ। तथा उन्होंने बी.ए तक पढ़ाई की। तथा 1996 से जैम्स एण्ड ज्वैलरी का व्यवसाय कर रहे है। पुर्व में 8 साल नेपाल में भी व्यापार किया। तथा 1998 से युरोप जर्मन, फ्रांस, ईटली, पुर्तगान, लंदन, में भी जैम्स एण्ड ज्वैलरी एक्सपोर्ट का व्यवसायं कर रहे है। तथा आॅनलाईन भी कर रहे है। इसके अलावा प्रोपट्री का भी साइड में कार्य करते है। जनाब वलीउर्रहमान का एक बेटा है जुनेदुर्रहमान जो कि ग्रेजुएषन की पढ़ाई कर रहा है। तथा इसके अलावा जैम्स एण्ड ज्वैलरी के काम को भी प्रमोट कर रहा है। जिसके सिलसिले में हाल ही में नेपाल भी होकर आया है। जनाब वलीउर्रहमान हमद...

पत्रकार नईम क़ुरैशी - यूथ के दिल की आवाज है जयपुर के उभरते सिंगर अफसार अली

चित्र
यूथ के दिल की आवाज है जयपुर के उभरते सिंगर अफसार अली                जयपुर के उभरते युवा सिंगर अफसार अली जिस तरह से संघर्ष कर के यह गायक अपनी मंजिल की कहानी लिख रहा है। इनकी जीवनी किसी और की जिंदगी के लिए कोई नया रास्ता दिखा सकती है। स्कूल टाईम से अफसार अली को गायकी का शौक था, स्कूल के प्रोग्रामों में बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया करते और उस वक्त भी अपनी सुरीली आवाज के दमपर सभी के दिलों में अपनी जगाह बना लेते थे। तब से इन्होंने गायकी दुनियां को ही अपने जीवन का लक्ष्य बना लिया और गायकी के कुछ गुरर गुरूजी हनुमान सहाय जी से सीखें और गायकी का अनुभव लिया उसके बाद इन्होंने पहला शौ जी मरुधरा पर किया जहां पर यह फस्र्ट विनर रहे। उसके बाद अफसार अली ने कभी पीछे मुढ़कर नही देखा।     आज इस उभरते सितारे के कुछ गीत वायरल हो रहे है। इनके गाने की धूम सब जगह देखी जा सकती है और सब से ज्यादा हलचल सोशल मीडिया पर हो रही है क्योकि आजकल दुनिया में सबसे मजबूत जगह के रूप में यह मीडिया लेती जा रही है। अफसार अली को श्ब्बीर कुमार के साथ भी ...

पत्रकार नईम क़ुरैशी - सिराजुद्दीन कुरैशी-एक कर्मठ समाज सेवी

चित्र
सिराजुद्दीन कुरैशी-एक कर्मठ समाज सेवी   अगर आपको खिदमत करनी है तो घड़ी मत देखो और वक्फ करना हो तो खर्च मत देखो बुजुर्गों की तरफ से कहा जाने वाला यह पैगाम मो. सिराजुद्दीन कुरैशी अध्यक्ष युवा जमियतुल कुरैश, जयपुर (विकास समिति) पर सही बैठता है, युवा जमियतुल कुरैश की ओर से समाज में किए जा रहे कौम की खिदमत के काम, खासकर अहले मुस्लिम इज़्तेमाई शादी निकाह सम्मेलन। बढ़ती महंगाई में बढ़ते फिजूल खर्ची तथा गैर इस्लामी रस्मों-रिवाजों से कौम को बचाने के लिए युवा जमियतुल कुरैश की ओर से उठाया गया कदम बेमिसाल है। मो. सिराजुद्दीन कुरैशी उर्फ मुन्ना कुरैशी का जन्म 1978 में गणतंत्र दिवस के मौके पर जयपुर महानगर में हुआ। वर्तमान में सिराजुद्दीन कुरैशी युवा जमियतुल कुरैश, जयपुर (विकास समिति) के अध्यक्ष है। युवा जमियतुल कुरैश, जयपुर (विकास समिति) का 2014 में चुनाव हुआ जिसमें सिराजुद्दीन कुरैशी को कूल 438 वोट मिले, तथा उन्होंने 165 वोटों से जीत हासिल की। और युवा जमियतुल कुरैश, जयपुर (विकास समिति) के अध्यक्ष बने। मो. सिराजुद्दीन कुरैशी पार्षद चुनाव भी लड़ चुके है जिसमें उनको ...

पत्रकार नईम क़ुरैशी - दूसरो को आगे बढ़ाकर मिली संतूष्टी, मौहम्मद सलीम

चित्र
दूसरो को आगे बढ़ाकर मिली संतूष्टी   हमारे देश कुछ ऐसी भी शख्सियतें पैदा हुई है। जिन्होंने खुद से ज्यादा दूसरों को आगे बढ़ाने का ज्यादा प्रयास किया। जनाब मौहम्मद सलीम का भी महानुभवी लोगों व दिग्गज नेताओं से अच्छा व्यवहार रहा लेकिन उन्होंने हमेशा अपने मित्रों व करीबी लोगों को उन महानुभवीयों से मुलाकात कराई और उनको आगे लाने व उनकी सफलता के लिए मार्गदर्शन करवाये, अनेक रासते दिखाएं। मौहम्मद सलीम ने हमेशा ज्यादा समय सोशल वर्क में व्यातीत किया। मौहम्मद सलीम का जन्म जनाब हाजी मौहम्मद्दीन के यहां सन् 1959 में जयपुर शहर में हुआ। वर्तमान में नेशनल इंटीग्रेशन फोरम (राष्ट्रीय एकता मंच) के सन् 1993 से जुड़े हुवे है तथा प्रदेश अध्यक्ष है। सन् 1996 से जन साध्य समाचार पत्र के संवाददाता भी है। मौहम्मद सलीम पुर्व में जयपुर शहर युवक कांग्रेस कमेटी के सन् 1989 में जिला संयोजक व कांग्रेस में जयपुर शहर महामंत्री भी रहे। सन् 1991 में नागरिक सुरक्षा जोन-12 वार्ड सेक्टर 557 में वार्डन. पांच वर्षों तक रहे। सन् 1996 में तिवाड़ी कांग्रेस में उपाध्यक्ष रहे। सन् 1997 में शांति काॅलोनी विकास सम...

पत्रकार नईम क़ुरैशी - हिन्दू-मुस्लिम आपसी भाईचारे की मिसाल

चित्र
हिन्दू-मुस्लिम आपसी भाईचारे की मिसाल एक-दूसरे की पत्नियों को किडनी देकर, दिया इंसानियत का संदेश इस समय जहां देष में प्रदेष में सामप्रदायिकता का जहर घोलने का काम भुुद्ध स्तर पर चल रहा है। हिन्दू को मुस्लिम से लड़ाने के नये नये कार्यक्रम चल रहे है। देष में नफरत की राजनीति का बोलबाला चल रहा है। ऐसे कठिन हालात में भी जयपुर के व्यवसायी समाज सेवी मो. इस्लाम कुरैषी कारपेट ने मेहनत, मष्क्कत करके एक बे मिसाल काम को अन्जाम दिया जिसकी चर्चा आज पूरे प्रदेष में हो रही है। एक ऐसी मिसाल देखने को मिली है, जिसे जानकर आप हैरान रह जायेगें। जयपुर स्थित मौनीलेक हाॅस्पिटल एण्ड रिसर्च सेन्टर में दो हिंदू-मुस्लिम परिवार के पतियों ने एक-दूसरे की पत्नी को किडनी दी है। और इंसानियत का संदेश दिया है। तीन माह से डायलेसिस व इलाज चल रहा था। पति का भी ब्लड ग्रुप मैच नही हुआ।  तसलीम जहां जो की काॅफी समय से किडनी रोग से पीड़ित थी।   और डाक्टरों के अनुसार तसलीम की दोनो किडनीया खराब हो चुकी थी और जिन्दगी बचाने का सिर्फ एक ही रास्ता था किडनी ट्रासप्लाटेषन, तसलीम की जान बचाने के लिए उसका पति अनवार अपनी एक क...