पत्रकार नईम क़ुरैशी - सच्ची समाज सेवा से राजनीति डाॅ आजम बैग की खूबी

सच्ची समाज सेवा से राजनीति डाॅ आजम बैग की खूबी
डाॅ आजम बैग प्रतिष्ठित व्यक्तित्व के धनी हैं। उनका व्यक्तित्व युवा पीढ़ी के लिये प्रेरणास्रोत है। उनका बेदाग सार्वजनिक जीवन सच्ची समाज सेवा के साथ राजनीति करने की प्रेरणा देता है। यही नही बल्कि उन्होंने अपने व्यक्तित्व को प्रभावषाली बनाकर जीवन को अनुषासित किया और अपनी सकारात्मक सोच के साथ उसे निष्चित दिषा व गति प्रदान कर ऊंची उपलब्धियां हासिल करने में सफल हुए। तथा अपनी क़ौमियत के लिए साहसपूर्वक बोलने की उनकी यह षैली सभी को अपने समीप आकर्षित करती है। 
जीवन परिचय: डाॅ आजम बैग कोटा जिले के सांगोद नगर के निवासी है जो पिछले 20 वर्षो से जयपुर मे निवास कर रहे है। 48 वर्षीय डाॅ आजम बैग ऐतिहासिक मतो से विजयी होकर 1992 से 1994 तक अलीगढ़ मुस्लिम विद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष रहे। तथा 1995 से 2002 तक राजस्थान युथ कांग्रेस के महासचिव व उपाध्यक्ष रहे। इसके अलावा 2002 से 2004 तक राजस्थान मदरसा बोर्ड राजस्थान सरकार के प्रथम सचिव भी रह चुके है तभी से राजस्थान में व्यवसायिक एवं तकनीकी षिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रहे है। इस समय कोटा, झालावाड़ और जयपुर में लगभग 15 स्कूल व काॅलेजो का संचालन कर रहे है, जिनमे व स्वंय संस्थापक एवं प्रबंध निदेषक है। जिसमे इनकी पत्नि डाॅ फरीदा बैग भी उनके साथ एकेडमिक कार्यो में सहयोगी है। 
 फैमिली परिचय: 
पिता जनाब मिर्जा मोहम्मद बैग, माता कनीज़ा बैगम, पत्नि डाॅ फरीदा बैग जो एकेडमिक कार्यो में पूर्णरूप से सहयोग करती है। दो बेटी है सबसे बड़ी बेटी उज़मा बैग, जो अभी दसवीं क्लास में है, आईएएस बनना चाहती है तो दूसरी बेटी सना बैग, नवीं क्लास में है, जो कि चिकित्या के क्षेत्र में काम करना चाहती है। और सबसेेेे छोटा और सबका लाडला अनब बैग जो कि अभी पांचवी क्लास में है। 

राजस्थान में शिक्षा की अलख जगा रहे है। डाॅ आजम बैग
किसी भी प्रकार के विकास एवं उन्नति के लिए शिक्षा एक महत्वपूर्ण साधन है। शिक्षा के अभाव में कुछ भी अर्थपूर्ण हांसिल नहीं किया जा सकता। इस बात को डाॅ आजम बैग ने बाखुबी समझा और षिक्षणिक संस्थाओं का निर्माण किया। जयपुर से करीब 15 किलोमीटर दूर षिवदासपुरा से आगे एक षैक्षणिक गतिविधियों के संचालन के लिए निर्मित भव्य भवन जिसमें चारो तरफ सैकड़ो की संख्या में हरे भरे पेड़-पोधे लगभग 50 हजार स्क्वायर फिट का गार्डन, और मूलभूत सुविधाओं से परिपूर्ण जे.एल. ऐज्यूकेषन कैम्पस है जिसकी बी.एस.सी. पोस्ट बेसिक बी.एस.सी. और नर्सिंग स्कूल संचालित है। बेहतर शिक्षा सभी के लिए जीवन में आगे बढ़ने और सफलता प्राप्त करने के लिए बहुत आवश्यक है। यह आत्मविश्वास विकसित करती है और एक व्यक्ति के व्यक्तित्व के निर्माण में मदद करती है। स्कूली शिक्षा सभी के जीवन में महान भूमिका निभाती है। हजारों घरों को षिक्षा से रोषन करने के उद्ष्य के साथ डाॅ आजम बैग साहब ने राजस्थान में षिक्षा की अलख जगा रहे हैं। और जे. एल. ऐज्यूकेषन कैम्पस सहित लगभग 15 स्कूल व काॅलेजो का संचालन कर रहे है।

स्कूल व काॅलेज के संचालन के लिए हिम्मत हौसला कैसे मिला? डाॅ आजम बेग इंतिहाई विष्वास के साथ जवाब देते हुए बताया कि जिंदगी में आगे बढ़ने की कुंजी माता-पिता की चाहत मोहब्बत, लगन और निरन्तर कार्य करते चले जाना है। नीती और नीयत भी साफ रखना जरूरी है। सबको साथ लेकर चलने सामाजिक व षैक्षणिक क्षेत्र में तमाम ऊंच नीच और कामरित अधीनस्य कर्मचारीयों को अपना परिवार समझकर सरकारी कार्यालयों में सामंजस्य बैठकर राजनैतिक व्यवस्थाओं और आवष्यकताओं के अनुरूप सबका सहयोग लेकर किसी भी बड़े काम को आसानी से किया जा सकता है। पूरे विष्व में सिर्फ हिन्दुस्तान हमारा ऐसा देष है जहां हर समुदाय को अपने-अपने तरीके से षिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर प्राप्त है। हम भी इसी आषा अभिलाषा और आकांक्षा के साथ इस पथ पर चल पड़े कि मेहनत करने वालों की कभी हार नही होती है।

राजस्थान से अलीगढ़ विष्वविद्यालय जाकर छात्रसंघ अध्यक्ष का चुनाव लड़ने के लिए प्रेरणा कहा से मिली और सफलता कैसे प्राप्त की?
इस सवाल पर वह थोड़ी देर मुस्कारायें और फिर बोले कि अलीगढ़ विष्वविद्यालय में छात्रसंघ अध्यक्ष बनने और प्रेरणास्त्रोत के रूप में काम करने तमामतक श्रेय विष्वविद्यालय के छात्रों और वहां के योग्य व सक्षम टीचिंग और नान-टिचिंग स्टाफ और उस वक्त के मेरे तमाम सहयोगी और दोस्तो को जाता है जिन्होंने 35 हजार छात्र-छात्राओं की संख्या होते हुए राजस्थान से 20 छात्रो की मौजूदगी में मुझे ऐतिहासिक मतो से विजयी बनाकर मुझे छात्रसंघ अध्यक्ष के पद पर सफल बनाया और यह साबित कर दिया कि इस विष्वविद्यालय में अभी भी देागवाद या गुण्डागर्दी के लिए कोई जगह नही है षराफत, मतानत, सदाकत और खिदमत ही कामयाबी और सफलता का एकमात्र रास्ता है।

अलीगढ़ विष्वविद्यालय के लगभग सभी छात्र नेता राष्ट्रीय राजनीती में सक्रिय रहते है। फिर आपने वापस राजस्थान आकर अपनी प्राथमिकताओ में राजनीति क्यो नही रखी?
इस पर डाॅ आजम बैग ने राजस्थान का भौगोलिक इतिहास और यहां विषेष रूप से अल्पसंख्यक समाज के शैक्षणिक-समाजिक और राजनैतिक पिछड़ेपन पर विस्तार से प्रकाष डाला। उन्होंने कहा कि मेरी प्राथमिकताओं में पहले राजस्थान था जो मेरा पैतिक प्रदेश है। 1995 में राजस्थान आकर 2001 तक हमने विभिन्न प्लेटफार्म से राजस्थान के लगभग सभी जिलो में तालीम तहरीक अभियान शुरू किया। और तालीमी कारवां के जरिए शिक्षा की अलख जगाने की कोषिष की जिसके असरात और नतीजे आज पूरे राजस्थान में दिखाई दे रहे है। इसी के साथ मेरा यह भी प्रयास रहा है कि हमारी गंगा-जमनी तहजीब और मिली-जुली संस्कृति जो कुछ साम्प्रदायिक षक्तियों की वजह से धूमिल होती जा रही है। इसे कैसे बचाया जाए। उसके लिए सभी समुदाय को साथ लेकर चलने और आपसी मतभेद मिटाकर मिलजुल कर आगे बढने और समाज को राष्ट्र की मुख्यधारा के साथ जोड़कर देष-प्रेम बनाने के भी भत्र्सक प्रयास किए। इसके लिए हर वर्ष ब्लाक, जिला, संभाग, प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न कार्यक्रमो का आयोजन करते रहे है।
 
 किन किन विषयों पर कार्यक्रमों के आयोजन किए है। व किन लोगों ने इसमें शिरकत की थी? डाॅ आजम बैग साहब ने बताया कि आॅल इंडिया मुस्लिम ऐज्यूकेषनल प्रदेश इकाई के भी अध्यक्ष पर और इस बेनर पर जयपुर 11 व 12 मई 2013 को बिड़ला आडीयोटेरम में एक आल इंडिया ऐज्यूकेशनल कान्फ्रेस आयोजित की थी जिसमें केन्दीय व राज्य के लगभग डेढ दर्जन मंत्री शरीक हुए तथा इस कान्फ्रेस में 11 सूत्रीय मांग रखी गई थी। जिसको राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता दिग्विजय सिंह की मौजूदगी में कान्फ्रेस कन्वीनर की हैसियत से अनेक साथियों के साथ प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सोपा जिसके प्रदेष पर बहुत अच्छे असरात पड़े थे। तथा हाल ही में भी 15 नवम्बर 2016 को देहली के लोदी रोड स्थित इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेन्टर में अखिल भारतीय युवा प्रतिनिधि सम्मेलन आयोजित किया गया था। जिसका विषय था भारतीय प्रजातंग सशक्तिकरण में मुस्लिम युवाओं की भूमिका, मुख्य अतिथि के रूप में नेता प्रतिपक्ष राज्यसभा श्रीमान गुलाम नबी आजाद और समारोह अध्यक्ष के रूप में देहली सरकार की पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमति षीला दीक्षित सम्मिलित थी। जो बहुत सफल हुआ है और जिसके पूरे देश में अच्छे असराद पड़े है।

आप अपना आदर्श आइडियल किसको मानते है? इस सवाल डाॅ आजम बैग साहब ने बड़ी संजीदगी से जवाब दिया और कहा जो पूरी दुनिया के आदर्श है आइडियल है, हजरत मुहम्मद (सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम)। और मेरे षिक्षा गुरू अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सीटी के पूर्व वाइस चांसलर सयैद हमीद है तथा मेरे राजनीतिक गुरू श्रीमति सोनिया गांधी, और जनाब गुलाम नबी आजाद है

आपकी हाॅबी किया है? मुझे पढ़ना-लिखना पसंद है इसके अलावा सामाजिक कार्य करना तथा षिक्षा के क्षेत्र में काम करना शिक्षा को बढावा देना।

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